धर्म वही है- जिसे धारण किया जा सके। नदी का धर्म- प्यासे को पानी पिलाना, वृक्ष का धर्म है-राहगीर को छाया देना, और शिक्षक का धर्म है-विद्यार्थियों को सही ज्ञान की शिक्षा प्रदान करना अर्थात् कर्तव्य का ही दूसरा नाम है- धर्म।
"कार्य ही पूजा है" इसका आशय भी...
भारतीय परंपरा और सनातनी जीवन-दर्शन में अनुभव को सदैव मौन गुरु माना गया है। यहाँ शिक्षा केवल पुस्तकों या उपदेशों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि जीवन के उतार-चढ़ाव से प्राप्त होती है। उपनिषदों में कहा गया है कि मनुष्य का वास...
भाषा मनुष्य का सबसे बड़ा आभूषण है, जो उसके व्यक्तित्व, संस्कार और सभ्यता का परिचायक बनती है। जिस प्रकार वस्त्र शरीर को ढँककर बाहरी रूप को सुंदर बनाते हैं, उसी प्रकार भाषा हमारे आचरण को उजागर कर हमारे भीतरी संस्कारों का परिचय देती है। मधुर और शालीन भाषा केवल शब्दों का...
हर विचार, हर स्थिति और हर कार्य में एक विशेष आकर्षण होता है —
जो अपने समान विचारों, परिस्थितियों और क्रियाओं को अपनी ओर खींचता है।
जैसे — अच्छाई, अच्छाई को प्रेरित करती है, वैसे ही गलत संगत, गलत कार्यों की ओर ले जाती है।
यह प्रकृ...
दर्शन क्या है? अक्सर मैंने देखा है लोग तीर्थ यात्रा पर जाते है किसलिए? भव्य मन्दिर और मूर्तियों को देखने के लिए, ना कि दर्शन के लिए। अब आप सोच रहे होंगे की देखने और दर्शन करने में क्या अन्तर है ? देखने का मतलब है, सामान्य देखना जो हम दिनभर कुछ ना कुछ देखते रहते...
महोदय, "क्षमा बड़न को चाहिए" यह कहावत जीवन के गहन अनुभव और परिपक्वता से उपजी सत्यता को प्रकट करती है। क्षमा मांगना और देना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आत्मा का शुद्धिकरण है। जब व्यक्ति अपने अहंकार को त्याग कर झुकता है, तभी सच्ची क्षमा संभव होती है। भारत की विविध स...
जीवन की बाँसुरी: सरलता से चुनौतियों को मधुर बनाने की कला
जीवन में सरलता चुनौतियों को भी सहज और आसान बना देती है। हम किसी भी चुनौती को जितना 'दिलचस्प' बना लेंगे, उससे निपटना उतना ही सरल हो जाएगा। यहाँ 'दिलचस्प' होने का अर्थ यह है कि हम चुनौतियों का सामना...
ज़िन्दगी में हर चीज़ के दो पहलू होते हैं, जैसे- सच और झूठ, सुबह और शाम, मिलन और जुदाई, आशा और निराशा..
सच, सच में होता है, परन्तु झूठ को बनाया जाता है, जब मनुष्य अपने बनाए झूठ को छोड़ता है तो सत्य अपने आप सामने आ जाता है..
आज जब समाज में संवेदनशीलता खत्म हो रही है मानवीय सदगुणों की बड़ी जरूरत महसूस की जा रही है। विनम्रता ऐसा सद्गुण है जो न तो कमजोरी है न ही झुकाव का प्रतीक बल्कि यह वह आंतरिक शक्ति है जिससे व्यक्ति दूसरों को जोड़ता है। इस गुण में टूटे हुए मनुष्य को जोड़ने की भी अद्भुत शक...
जीवन में निर्णय लेना अत्यंत महत्वपूर्ण है। निर्णय करना या निर्णय ले पाना हमें शक्ति देता है और ज़िम्मेदारी लेने का अहसास जगाता है। हर दिन कोई रोमांचकारी घटनाएँ नहीं होतीं, हमारा जीवन सामान्य सा होता है, लेकिन यदि हम उस पर ध्यान न दें तो यह और भी अति सामान्य हो जाता है...
आज प्रतिस्पर्धा का दौर हैं और समय ने तेज़ी से करवट बदली है। प्रतिस्पर्धा के चौड़े मैदान में आगे की राह उसी को मिलती हैं जो निरंतर चलना जानता है। ठहराव का विकल्प लक्ष्य को ओझल कर देता है। लेकिन इस मार्ग चलना आसान नहीं है क्योंकि यह बड़ा कंटीला है।
धीरे-धीरे हम सब इस वर्ष के अन्तिम दिनों तक पहुंच गए हैं और एक दिन बाद नया साल भी आ जाएगा।
इस वर्ष हमने बहुत से अच्छे और बुरे पलों को जिया है, हमारे जीवन का यह वर्ष हमें बहुत से सुखद एवं दुखद अहसासों से हमारा परिचय करा गया। यह वर्ष बहुत सी अविस्मरणीय यादों को...
