“वंदे मातरम्” भारत के स्वतंत्रता संग्राम का आध्यात्मिक आधार था। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत मातृभूमि को देवी के रूप में पूजने की भावना से ओतप्रोत था। इसने राष्ट्रवाद को केवल एक राजनीतिक विचार नहीं, बल्कि भक्ति-भावना में परिवर्तित कर दिया। बं...
महाकुंभ 2025: भारतीय ज्ञान परंपरा का खुला विश्वविद्यालय
सत्य, अहिंसा, धर्म, त्याग, तप, परोपकार के साथ अच्छे जीवन उपयोगी संस्कार और संस्कृति से पोषित तथा प्रकृति सम्मत जीवन शैली को महत्व देने वाला भारत का सनातन धर्म सबसे समृद्ध है औ...
गोठी की परम्परा केदार घाटी के उन 14 गाँवों में प्रचलित है जो श्री केदारनाथ धाम के सबसे नजदीकी गाँव है़। इन 14 गांवों के इष्ट देवता हैं - जाख राजा। जाख राजा को जल एवं अग्नि का देवता माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि क्षेत्र में वर्षा, आँधी आदि से कोई अनिष्ट न हो, ऐसी काम...
उत्तराखंड को यों ही देवभूमि नहीं कहा जाता, बल्कि यहां के लोकाचार, परम्परायें एवं रीति रिवाज इसको देवभूमि कहलाने की पुष्टि करते हैं। उत्तराखंड के बहुत से गाँवों में ज्येष्ठ माह (जून माह) में रवि की फसल से प्राप्त अनाज (गेहूं) को अपने इष्ट देवताओं को भोग लगाने के बाद ही...
भारतीय भोजन का संग्रह देश की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है। "भारतीय भोजन" शब्द देश के विभिन्न हिस्सों के स्वादों के मिश्रण को दर्शाता है और दुनिया के सुदूर कोनों के साथ भारत के सदियों पुराने सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रदर्शन करता है। भारतीय भोजन में जड़ी-बूटियां औ...
रावणहत्था सारंगी का ही एक रुप है। यह राजस्थान का एक विशेष वाद्ययंत्र है जो राजस्थान के लोकसंगीत की पहचान करवाता है और यहां के लोकगीतों में जान फूंकता है। इसके बगैर राजस्थान के लोकगीत जैसे अपाहिज से जान पड़ेगें। शादी हो या जन्मदिन या अन्य कोई त्यौहार यह हर मौके पर खूब...
