जीवन में सफलता के लिए धैर्य बहुत जरूरी
बचपन और विद्यार्थी जीवन परीक्षा के असल मुकाम है जब उसे कसौटी बड़ी सख्ती से कसती है। यही वह समय होता है जो भविष्य तय करता है।
जीवन में सफलता के लिए धैर्य बहुत जरूरी
बचपन और विद्यार्थी जीवन परीक्षा के असल मुकाम है जब उसे कसौटी बड़ी सख्ती से कसती है। यही वह समय होता है जो भविष्य तय करता है।
सफलता का सीधा सा फार्मूला है, गुणवत्ता प्लस अभ्यास, अर्थात सफलता के लिए गुणों के साथ-साथ अभ्यास करना भी बेहद ज़रूरी है। प्रतिभा जन्म जात भी होती है और इसे अर्जित भी किया जा सकता है, लेकिन सफलता के लिए जिस निरंतरता की आवश्यकता होती है, उसे केवल अभ्यास से ही हासिल किया...
सामान्यतया हम स्वयं को अपने जैसे लोगों, अपने जैसी रुचियों, आदतों और शौक वाले व्यक्तियों से घेरे रहते हैं, क्योंकि इससे हमें सुरक्षा का अहसास होता है। जबकि, जीवन को समृद्ध बनाने वाले अनुभव कभी भी अपने सुखद क्षेत्र (कम्फर्ट जोन) में नहीं मिलते, उसके लिए हमें खुद को आगे...
दो तरह की दुनिया होती है, एक बाहरी दुनिया और एक आंतरिक दुनिया। परिस्थितियाँ, लोग, शारीरिक स्वास्थ्य इत्यादि बाहरी दुनिया है, विचार, भावनाएँ आदि आंतरिक दुनिया है। एक "भाव" है, तो दूसरी "भावना" है, बाहर की दुनिया तो हम सब देखते हैं, लेकिन हमें देखना है कि हमारी आंत...
विनम्रता एक अद्भुत मानवीय गुण है। विनम्र होने का मतलब है स्वयं को समझना और स्वीकार करना जैसा कि आप वास्तव में हैं और दूसरों को वैसे ही स्वीकार करना जैसा कि वे वास्तव में हैं। विनम्रता आपके आंतरिक प्रेम की शक्ति से आती है।
धर्म शब्द "धृ" धातु से बना है, जिसका अर्थ होता है "धारण करना" यानी जो धारण किया जाए वह "धर्म" है। "धारण" करने से यहां अर्थ है, जीवन में धारण करना या जिस पर हमारा जीवन आधारित हो, वही हमारा "धर्म" है।
दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि...
जिस तरह व्यापार के बही खातों के लिए एक मुनीम अर्थात अकाउंटेंट जरूरी होता है उसी तरह जीवन के लिए सत्संग भी अत्यंत आवश्यक है।
सेठजी पूरा विश्वास करते हुए अपने विश्वास पात्र मुनीम को अपने व्यवसाय का आर्थिक संतुलन उसके हाथों में सौंप द...
एक आलस्य वह होता है, जिसमें शरीर आराम ढूंढ़ता है और कोई भी शारीरिक क्रिया करने से शरीर इन्कार कर देता है...और, एक आलस्य दिमाग से होता है, जो सुस्त और ऊबा हुआ महसूस कराता है।
हमारे दिमाग ने अगर एक बार सोच लिया कि "मुझे कुछ समझ नहीं...
एक आलस्य वह होता है, जिसमें शरीर आराम ढूंढ़ता है और कोई भी शारीरिक क्रिया करने से शरीर इन्कार कर देता है...और, एक आलस्य दिमाग से होता है, जो सुस्त और ऊबा हुआ महसूस कराता है। हमारे दिमाग ने अगर एक बार सोच लिया कि "मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है कि क्या करना है?"  ...
मानसिक शांति के लिए व्यवस्थित दिनचर्या बहुत ज़रूरी है, हम किसी काम की शुरुआत करने में जितना विलंब करेंगे, वह काम पूरा होने में उतना ही समय लेगा। इससे हड़बड़ाहट और तनाव बढ़ता है और जिसका असर मस्तिष्क पर पड़ता है। लिहाज़ा, मानसिक स्वास्थ्य के लिए दिनचर्या का समयानुसार प...
बहुत पुण्य का उदय हुआ कि मानव के रूप में हम इस दुनिया में आए, लेकिन इस धरती पर हमारा जन्म किसी को कष्ट पहुँचाने के लिए नहीं हुआ है। हम कितने ही ज्ञानी हो जाएं या धनवान हो जाएं लेकिन, हमारी वजह से किसी को कष्ट पहुँचता है, तो यह सब व्यर्थ है। असल में दूसरों की मदद...
कभी-कभी ठोकरें भी अच्छी होती हैं.
एक तो रास्ते की रुकावटों का पता चलता है.. और
दूसरा संभालने वाले हाथ किसके हैं?
ये भी पता चलता है।