त्योहार
भारतीय पंचांग (खगोलीय गणना) के अनुसार प्रत्येक तीसरे वर्ष एक अधिक मास होता है। यह सौर और चंद्र मास को एक समान लाने की गणितीय प्रक्रिया है। शास्त्रों के अनुसार पुरुषोत्तम मास में किए गए जप, तप, दान से अनंत पुण्यों की प्राप्ति होती है। सूर्य की बारह संक्रांति होती हैं औ...
अधिक मास में दान का महत्व: हिन्दू पंचांग के अनुसार अधिक मास एक पवित्र अवधि होती है, जिसमें दान-पुण्य का विशेष महत्व है। इस मास में दान करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। अधिक मास में पूजा-पाठ, दान, जाप और आराधना का फल भी अधिक मिलता ह...
वैशाख माह की शुक्ल पक्ष तृतीया का हमारे सनातन धर्म मे विशेष महत्व है। अक्षय तृतीया अर्थात आखा तीज का दिन बहुत शुभ होता। अक्षय तृतीया को सर्व सिद्ध मुहूर्त माना जाता है। मान्यता है कि यह दिन इतना शुभ है कि बिना पंचांग देखे कोई भी शुभ व मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह-प्र...
स्कंद पुराण के अनुसार माँ शीतला दुर्गा और माँ पार्वती का ही अवतार हैं। ये प्रकृति की उपचार शक्ति का प्रतीक हैं। इस दिन भक्त अपने बच्चों के साथ माँ की पूजा आराधना करते हैं जिसके फलस्वरूप परिवार प्राकृतिक आपदा तथा आकस्मिक विपत्तियों से सुरक्षित रहता है।
भारतीय सनातन परम्परा में भगवान परशुराम का स्थान अत्यंत विशिष्ट है। वे भगवान विष्णु के छठे अवतार माने जाते हैं और ऐसे एकमात्र चिरंजीवी हैं, जो आज भी धर्म की रक्षा हेतु तपस्यारत बताए जाते हैं।भगवान परशुराम का उल्लेख रामायण, महाभारत, भागवत पुराण और कल्कि पुराण इत्य...
माँ पार्वती की आरती श्रद्धा और भक्ति से देवी की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ माध्यम है। यहाँ आपको माँ पार्वती की संपूर्ण आरती, सरल हिंदी लिरिक्स और उसका अर्थ मिलेगा, जिससे आप दैनिक पूजा में इसे शामिल कर सकें।
हमारे शास्त्रों में लिखा है कि कभी भी उत्तर दिशा में सिर करके नहीं सोना चाहिए। इससे हमारी आयु घटती है क्योंकि दक्षिण की ओर पांव केवल मृत व्यक्ति के ही किये जाते हैं। अतः हमें हमेशा दक्षिण में सिर करके सोना चाहिए। इसका कारण है कि पृथ्वी का उत्तर ध्रुव चुम्बकत्व का प्रभ...
ज्योतिष को ठीक से समझने के लिए जन्म कुंडली के घरों की बुनियादी समझ होनी चाहिए। ज्योतिषीय चार्ट बनाने के कई तरीके हैं, यहां हम उत्तर भारतीय हीरा चार्ट पर चर्चा करेंगे। यह चार्ट उत्तर भारत में लोकप्रिय है जैसा कि नाम से पता चलता है और यह वैदिक ज्योतिष के बारे में बात कर...
महाभारत हमें एक बड़ी सीख देती है कि विजय केवल बाहुबल, अस्त्र-शस्त्र या सत्ता से नहीं होती, बल्कि सिद्धांत, धर्म और सत्य से होती है। सही और ग़लत का चुनाव ही मनुष्य का स्थान इतिहास में निर्धारित करता है और इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हमें महाभारत के इन महान पात्रों के माध्यम...
एक नगर में एक जुलाहा रहते थे, जो स्वभाव से बहुत शांत और विनम्र थे, एक दिन पड़ोस के बच्चों ने उन्हें गुस्सा दिलाने की सोची, तो सब मिलकर उनकी दुकान पर पहुंच गए। उनमें से एक लड़का धनी परिवार से था, उसने एक साड़ी की ओर इशारा करते हुए पूछा कि "इस साड़ी का मूल्य क्या है?"
१२ फरवरी १८२४ को मूल नक्षत्र में पैदा होने पर बचपन वाले मूलशंकर, बाद में स्वामी पूर्णानंद सरस्वती से सन्यास ग्रहण कर, उनको अपना गुरु मान मूलशंकर से दयानन्द सरस्वती बने। इन्होनें बाद में वेदों का गहन अध्ध्यन के लिये मथुरा में वेदों के प्रकाण्ड विद्वान् प्रज्ञाचक्षु स्व...
ज्ञान, संस्कार और आदर्श की भूमि 'भारत', एक ऐसी पावन धरा, जहाँ जन्मे अनेकों महाविभूतियाँ आज विश्वभर के लिए प्रेरणा के स्तोत्र है। ऐसे ही एक दिग्गज हैं, डॉ. विक्रम साराभाई। प्रख्यात उद्योगपति अम्बालाल साराभाई के बेटे विक्रम अम्बालाल साराभाई (12 अगस्त 1919 – 30 दिस...
1/4 चम्मच हल्दी पाउडर, 1 चुटकी नमक, 2-3 बूंद सरसों का तेल लें, सबको अच्छी तरह मिलाएं और प्रतिदिन दांतों और मसूड़ों पर धीरे-धीरे मालिश करें। इससे दांत सफेद और मसूड़े मजबूत हो जाते हैं।
1/2 kg नारियल का तेल और 50 ग्राम करी पत्ते (मिठा नीम), दोनों को 5 मिनट साथ उबालें और फिर तेल को ठंडा होने दें। फिर उस तेल को छान कर एक बोतल में भरदे। सप्ताह में दो बार मालिश करें। बाल मजबूत होंगे और चमकदार भी बनेंगे।
हरे धनिये के पत्तों को कूटकर इसका रस निकाल ले और दिन में 1 बार इस रस की 2-3 बूंदे आँखों में डालते रहे। इससे आँखों की जलन और खुजली ठीक हो जाती है। आँखों में जलन और खुजली नहीं होने पर भी सप्ताह में 1-2 बार इस रस को आँखों में डालने पर आँखे साफ रहती है।
शरीर पर दाद को जड़ से हटाने का रामबाण नुस्खा।
लहसुन को जला ले अब उसकी राख (भस्म) को शहद में मिला कर दाद पर दिन में 2-3 बार लगा ले।
पकौड़े बनाते समय अगर उसके घोल में एक चमच्च सूजी या एक-चुटकी अरारोट और थोडा गर्म तेल मिला दिया जाये तो पकौडें अधिक कुरकुरे और टेस्टी बनते हैं।
बरसात के दिनों में मसाले खराब होने लगते हैं इसीलिए मसालों को बचाने के लिए मसालों को कांच के जार में रखें और इसमें थोड़ा सा नमक मिला दे। नमक मिलाकर आप मसालों को काफी दिनों तक इस्तेमाल कर सकते हैं । इससे मसालों में जाले नहीं पड़ेंगे। पर आपको इस बात का ख्याल रखना होगा कि...
मील का पत्थर हासिल करने के लिए: छोटे लक्ष्य बनाएं और उन्हें पूरा करके बड़े मकाम तक पहुंचें। साथ में सफलता की ऊंचाइयों की ओर एक कदम एक कदम बढ़ें।
अब वो समय नही रहा है जिसमे सिर्फ किताबी ज्ञान के भरोसे बेहतर करियर, नौकरी या उच्च पद की उम्मीद की जा सकती है। अब समय बदल गया है अब किताबी कीड़ा बनकर या डिग्रीयों का ढेर लगाकर करियर निर्माण नही किया जा सकता है। अगर आप अपने करियर को बेहतरीन बनाना चाहते है तो आपको अपने अ...
अगर हम नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं, तो इससे हमें अधिक फ़ायदे होंगे। क्योंकि, योगासनों से शरीर में लचीलापन एवं स्फूर्ति तो बढ़ती ही है, साथ ही हृदय और फेफड़ों की कार्य क्षमता भी सुधरती है।
योग एक प्राचीन विज...
सरल अवधि में पायी गयी सफलता हमारे लक्ष्य को प्राप्त कर रही है। इसका अर्थ हमारे उद्देश्य को पूरा करना भी हो सकता है, पूर्व-निर्धारित मापदंडों पर हमारे उद्देश्य जो हमारे स्वयं द्वारा निर्धारित किए जा सकते हैं या दिए जा सकते हैं। पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन दोनों में सफलता...
– एक मिट्टी के पात्र या मटके में नीचे और चारों तरफ थोड़ी दूरी से छेद करें।
– उसमें सूखे पत्ते और अखबार की कतरन डालकर ऊपर मिट्टी डाले।
– उसके बाद उसमें घर से निकलने वाला सब्जी और फलों के छिलके (बारीक काटकर), चाय की पत्ती (सुखाकर) एवं मंदिर में च...
राजस्थान को राजा-महाराजाओं की भूमि के तौर पर जाना जाता है। राजस्थान को पहले “राजपुताना” कहते थे। हर साल 30 मार्च को राजस्थान का स्थापना दिवस मनाया जाता है। राजस्थान, भारत का सबसे बड़ा राज्य, अपनी समृद्ध संस...
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से पूर्व लगभग 272 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गोरखपुर नगर आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। गोरखपुर छठी शताब्दी ईसा पूर्व सोलह महाजनपदों में से एक अंग था। माना जाता है कि चन्द्र वंश न...
उत्तर प्रदेश के सरयू नदी के तट पर बसी है अयोध्या नगरी। कहते हैं कि अयोध्या यह शब्द "अयुद्ध" से बना है। अथर्ववेद में अयोध्या को ‘ईश्वर का नगर’ बताया गया है। कुछ विद्वानों के अनुसार प्राचीन काल में या रामायण...
साहित्यिक एवं आध्यात्मिक
संग्रह
;