- भाई दूज (यम द्वितीया): भाई-बहन के प्रेम, परंपरा और पूजा विधि का पर्व
- Bhai Dooj (Yama Dwitiya): Festival of Sibling Love, Tradition, and Rituals
- प्रवासी भारतीय ही भारतीय संस्कृति के पहरेदार | नीदरलैंड में भारतीय संस्कृति का उजागर
- ब्यावर का ऐतिहासिक बादशाह मेला | Beawar City
- शादी में सहमति और बेटी के सपनों का सम्मान – शर्मा और तिवारी परिवार की कहानी
त्योहार
भारतीय पंचांग (खगोलीय गणना) के अनुसार प्रत्येक तीसरे वर्ष एक अधिक मास होता है। यह सौर और चंद्र मास को एक समान लाने की गणितीय प्रक्रिया है। शास्त्रों के अनुसार पुरुषोत्तम मास में किए गए जप, तप, दान से अनंत पुण्यों की प्राप्ति होती है। सूर्य की बारह संक्रांति होती हैं औ...
अधिक मास में दान का महत्व: हिन्दू पंचांग के अनुसार अधिक मास एक पवित्र अवधि होती है, जिसमें दान-पुण्य का विशेष महत्व है। इस मास में दान करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। अधिक मास में पूजा-पाठ, दान, जाप और आराधना का फल भी अधिक मिलता ह...
वैशाख माह की शुक्ल पक्ष तृतीया का हमारे सनातन धर्म मे विशेष महत्व है। अक्षय तृतीया अर्थात आखा तीज का दिन बहुत शुभ होता। अक्षय तृतीया को सर्व सिद्ध मुहूर्त माना जाता है। मान्यता है कि यह दिन इतना शुभ है कि बिना पंचांग देखे कोई भी शुभ व मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह-प्र...
स्कंद पुराण के अनुसार माँ शीतला दुर्गा और माँ पार्वती का ही अवतार हैं। ये प्रकृति की उपचार शक्ति का प्रतीक हैं। इस दिन भक्त अपने बच्चों के साथ माँ की पूजा आराधना करते हैं जिसके फलस्वरूप परिवार प्राकृतिक आपदा तथा आकस्मिक विपत्तियों से सुरक्षित रहता है।
दर्शनीय स्थल
प्राचीन इतिहास
भारतीय सनातन परम्परा में भगवान परशुराम का स्थान अत्यंत विशिष्ट है। वे भगवान विष्णु के छठे अवतार माने जाते हैं और ऐसे एकमात्र चिरंजीवी हैं, जो आज भी धर्म की रक्षा हेतु तपस्यारत बताए जाते हैं।भगवान परशुराम का उल्लेख रामायण, महाभारत, भागवत पुराण और कल्कि पुराण इत्य...
माँ पार्वती की आरती श्रद्धा और भक्ति से देवी की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ माध्यम है। यहाँ आपको माँ पार्वती की संपूर्ण आरती, सरल हिंदी लिरिक्स और उसका अर्थ मिलेगा, जिससे आप दैनिक पूजा में इसे शामिल कर सकें।
चांगेरी घास (Changeri) के चमत्कारी फायदे: पाचन, लिवर और त्रिदोष संतुलन
मसूड़ों में खून निकलना और सूजन आना
1/4 चम्मच हल्दी पाउडर, 1 चुटकी नमक, 2-3 बूंद सरसों का तेल लें, सबको अच्छी तरह मिलाएं और प्रतिदिन दांतों और मसूड़ों पर धीरे-धीरे मालिश करें। इससे दांत सफेद और मसूड़े मजबूत हो जाते हैं।
बालों का झड़ना
1/2 kg नारियल का तेल और 50 ग्राम करी पत्ते (मिठा नीम), दोनों को 5 मिनट साथ उबालें और फिर तेल को ठंडा होने दें। फिर उस तेल को छान कर एक बोतल में भरदे। सप्ताह में दो बार मालिश करें। बाल मजबूत होंगे और चमकदार भी बनेंगे।
आज का सुझाव
लोकप्रिय वीडियो
यह भी जरूर देखे
नवीनतम ब्लॉग
सभी को देखें
राजस्थान को राजा-महाराजाओं की भूमि के तौर पर जाना जाता है। राजस्थान को पहले “राजपुताना” कहते थे। हर साल 30 मार्च को राजस्थान का स्थापना दिवस मनाया जाता है। राजस्थान, भारत का सबसे बड़ा राज्य, अपनी समृद्ध संस...
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से पूर्व लगभग 272 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गोरखपुर नगर आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। गोरखपुर छठी शताब्दी ईसा पूर्व सोलह महाजनपदों में से एक अंग था। माना जाता है कि चन्द्र वंश न...
उत्तर प्रदेश के सरयू नदी के तट पर बसी है अयोध्या नगरी। कहते हैं कि अयोध्या यह शब्द "अयुद्ध" से बना है। अथर्ववेद में अयोध्या को ‘ईश्वर का नगर’ बताया गया है। कुछ विद्वानों के अनुसार प्राचीन काल में या रामायण...
हमारे सम्मानित लेखक
लेखक की क़लम से
साहित्यिक एवं आध्यात्मिक संग्रह






































