Bhartiya Parmapara
शब्द ही ब्रह्म है क्योंकि शब्दों से ही इस त्रिगुणात्मक संसार का सृजन संभव है

शब्द ही ब्रह्म है क्योंकि शब्दों से ही इस त्रिगुणात्मक संसार का सृजन संभव है

शब्द ही ब्रह्म है क्योंकि शब्दों से ही इस त्रिगुणात्मक संसार का सृजन संभव है!

बृहदारण्यकोपनिषद् में कहा गया है - अहम ब्रह्मास्मि अर...

प्रदूषण और निजी वाहनों का बढ़ता प्रभाव

प्रदूषण और निजी वाहनों का बढ़ता प्रभाव

वर्तमान समय में हम सभी को ज्ञात है कि प्रदूषण हमारे पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए एक चुनौती बन गया है परंतु जाने अनजाने हम यह भूल जाते हैं कि यह चुनौती हमारे समक्ष है इस...

सहनशीलता का गिरता स्तर और समाज पर इसके हानिकारक प्रभाव | धैर्य और क्षमा का महत्व

सहनशीलता का गिरता स्तर और समाज पर इसके हानिकारक प्रभाव | धैर्य और क्षमा का महत्व

सहनशीलता का गिरता स्तर- समाज के लिए हानिकर

आज भौतिकतावाद, एकाकी परिवार और पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में सहनशीलता शनैः शनैः क्षीण...

कुंबकोणम के शक्ति मुत्तम मंदिर और गरीब पंडित की बगुला संदेश की कहानी

कुंबकोणम के शक्ति मुत्तम मंदिर और गरीब पंडित की बगुला संदेश की कहानी

तमिलनाडु के कुंबकोणम नामक शहर की तीन किलोमीटर की दूरी पर एक गांव का नाम है-शक्त्ति मुत्तम यानि शक्ति का चुंबन। यहां भगवान शिव का एक पुरातन मंदिर है। यहां के ईश्वर का ना...

भारत के शहरी क्षेत्रों में वाहन पार्किंग की चुनौतियाँ और समाधान

भारत के शहरी क्षेत्रों में वाहन पार्किंग की चुनौतियाँ और समाधान

यह ज़रूरी नहीं है कि अच्छा सार्वजनिक परिवहन यातायात की भीड़ को काफ़ी कम कर दे। भीड़भाड़ की स्थिति में सुधार करने के लिए, शहरों को निजी कारों के स्वामित्व और उपयोग के का...

अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड से होने वाले खतरे

अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड से होने वाले खतरे

अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड भारतीय लोगों के खान-पान में तेजी से बढ़ रहा है। यहां तक कि यह खान-पान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी बन गया है। यह फूड स्वाद में उम्दा होते हैं, लेकिन...

दुविधा – अनुभव और अस्वीकार्यता के बीच की दूरी

दुविधा – अनुभव और अस्वीकार्यता के बीच की दूरी

एक नए पड़ाव से शुरू हुई यात्रा फिर अगले पड़ाव की ओर उत्सुकता से देखती है। अनदेखे को देख लेने और अनजाने को जान लेने की इस लालसा में हम साल-दर-साल बीतते चले जाते हैं। पता भ...

अपराध नियंत्रण में संस्कारों की भूमिका और सामाजिक सुधार

अपराध नियंत्रण में संस्कारों की भूमिका और सामाजिक सुधार

अपराध नियंत्रण के संदर्भ में संस्कार की प्रासंगिकता 
अपराध एक विश्वव्यापी समस्या है। अपराध समाज को हानि पहुंचाने के साथ ही राष्ट्रीय छवि को भी धूमिल करता है। सन...

लघुकथा : हार-जीत

लघुकथा : हार-जीत

राजेश्वर प्रसाद की उम्र यद्यपि काफी हो चुकी थी लेकिन अपनी वास्तविक उम्र से बहुत कम के लगते थे राजेश्वर प्रसाद। 
और इसका कारण था उनकी संतुलित दिनचर्या व जीवनचर्य...

रावण की हड़ताल: दशहरा विशेष व्यंग्य

रावण की हड़ताल: दशहरा विशेष व्यंग्य

सोटागुरु का खैनी बनाने का अंदाज ही जुदा है। उनकी अदा पर लाखों फ़िदा हैं। सोटागुरु के खैनी बनाने का अंदाज उस समय बेइंतहा हो जाता है जब सिर पर पगड़ी बधी हो और मूछे नागिन डा...

नाश्ता: गरीबी, मानवीय रिश्तों और आत्मबोध की मार्मिक कहानी

नाश्ता: गरीबी, मानवीय रिश्तों और आत्मबोध की मार्मिक कहानी

‘फिर से सूखी रोटी और आलू की सब्जी। पिछले तीन महीने से यही खाना खा-खाकर ऊब चुका हूं। मैं नहीं खाऊंगा’ -खाने की थाली को गुस्से में उलटते हुए पप्पू ने कहा।

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राष्ट्र का सजग प्रहरी और मार्गदृष्टा है, शिक्षक

राष्ट्र का सजग प्रहरी और मार्गदृष्टा है, शिक्षक

शिक्षक, राष्ट्र का सजग प्रहरी, मार्गदृष्टा और भविष्य निर्माता भी है। शिक्षक माटी को मनचाहा आकार देकर सुंदर घड़ों का निर्माण करते हैं, यानि देश का भविष्य गढ़ते हैं। शिक्ष...

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