Bhartiya Parmapara
भारत के शहरी क्षेत्रों में वाहन पार्किंग की चुनौतियाँ और समाधान

भारत के शहरी क्षेत्रों में वाहन पार्किंग की चुनौतियाँ और समाधान

यह ज़रूरी नहीं है कि अच्छा सार्वजनिक परिवहन यातायात की भीड़ को काफ़ी कम कर दे। भीड़भाड़ की स्थिति में सुधार करने के लिए, शहरों को निजी कारों के स्वामित्व और उपयोग के का...

अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड से होने वाले खतरे

अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड से होने वाले खतरे

अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड भारतीय लोगों के खान-पान में तेजी से बढ़ रहा है। यहां तक कि यह खान-पान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी बन गया है। यह फूड स्वाद में उम्दा होते हैं, लेकिन...

दुविधा – अनुभव और अस्वीकार्यता के बीच की दूरी

दुविधा – अनुभव और अस्वीकार्यता के बीच की दूरी

एक नए पड़ाव से शुरू हुई यात्रा फिर अगले पड़ाव की ओर उत्सुकता से देखती है। अनदेखे को देख लेने और अनजाने को जान लेने की इस लालसा में हम साल-दर-साल बीतते चले जाते हैं। पता भ...

अपराध नियंत्रण में संस्कारों की भूमिका और सामाजिक सुधार

अपराध नियंत्रण में संस्कारों की भूमिका और सामाजिक सुधार

अपराध नियंत्रण के संदर्भ में संस्कार की प्रासंगिकता 
अपराध एक विश्वव्यापी समस्या है। अपराध समाज को हानि पहुंचाने के साथ ही राष्ट्रीय छवि को भी धूमिल करता है। सन...

लघुकथा : हार-जीत

लघुकथा : हार-जीत

राजेश्वर प्रसाद की उम्र यद्यपि काफी हो चुकी थी लेकिन अपनी वास्तविक उम्र से बहुत कम के लगते थे राजेश्वर प्रसाद। 
और इसका कारण था उनकी संतुलित दिनचर्या व जीवनचर्य...

रावण की हड़ताल: दशहरा विशेष व्यंग्य

रावण की हड़ताल: दशहरा विशेष व्यंग्य

सोटागुरु का खैनी बनाने का अंदाज ही जुदा है। उनकी अदा पर लाखों फ़िदा हैं। सोटागुरु के खैनी बनाने का अंदाज उस समय बेइंतहा हो जाता है जब सिर पर पगड़ी बधी हो और मूछे नागिन डा...

नाश्ता: गरीबी, मानवीय रिश्तों और आत्मबोध की मार्मिक कहानी

नाश्ता: गरीबी, मानवीय रिश्तों और आत्मबोध की मार्मिक कहानी

‘फिर से सूखी रोटी और आलू की सब्जी। पिछले तीन महीने से यही खाना खा-खाकर ऊब चुका हूं। मैं नहीं खाऊंगा’ -खाने की थाली को गुस्से में उलटते हुए पप्पू ने कहा।

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राष्ट्र का सजग प्रहरी और मार्गदृष्टा है, शिक्षक

राष्ट्र का सजग प्रहरी और मार्गदृष्टा है, शिक्षक

शिक्षक, राष्ट्र का सजग प्रहरी, मार्गदृष्टा और भविष्य निर्माता भी है। शिक्षक माटी को मनचाहा आकार देकर सुंदर घड़ों का निर्माण करते हैं, यानि देश का भविष्य गढ़ते हैं। शिक्ष...

जाख अग्नि नृत्य – केदार घाटी की रहस्यमयी धार्मिक परंपरा

जाख अग्नि नृत्य – केदार घाटी की रहस्यमयी धार्मिक परंपरा

गोठी की परम्परा केदार घाटी के उन 14 गाँवों में प्रचलित है जो श्री केदारनाथ धाम के सबसे नजदीकी गाँव है़। इन 14 गांवों के इष्ट देवता हैं - जाख राजा। जाख राजा को जल एवं अग...

चलते रहने का महत्व – कर्म, धैर्य और सकारात्मक सोच की ताकत

चलते रहने का महत्व – कर्म, धैर्य और सकारात्मक सोच की ताकत

चलते रहने का नाम ही जिंदगी है। जिनको जिंदगी से शिकायत है वे पूरी जिंदगी शिकायत ही करते रह जाते हैं। ‘कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता। कहीं ज़मीं तो कहीं आसमां...

श्रावण मास में महादेव की आराधना: महत्व, व्रत और रस्में

श्रावण मास में महादेव की आराधना: महत्व, व्रत और रस्में

श्रावण मास की शुरुआत के साथ-साथ मंदिरों में 'हर हर महादेव' के जयकारे और शंखों की गूंज से सम्पूर्ण विश्व गुंजायमान होने लगते हैं। ऐसी मान्यता है कि जैसे ही आषाढ़ मास में...

उत्तराखंड की 500 साल पुरानी परंपरा | सांस्कृतिक विरासत को सहेजती पहल

उत्तराखंड की 500 साल पुरानी परंपरा | सांस्कृतिक विरासत को सहेजती पहल

उत्तराखंड को यों ही देवभूमि नहीं कहा जाता, बल्कि यहां के लोकाचार, परम्परायें एवं रीति रिवाज इसको देवभूमि कहलाने की पुष्टि करते हैं। उत्तराखंड के बहुत से गाँवों में ज्ये...

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