Bhartiya Parmapara

Dr Dinesh Kumar Gupta

Dr Dinesh Kumar Gupta

डॉ. दिनेश कुमार गुप्ता                                     

सहायक आचार्यअग्रवाल महिला शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय,

गंगापुर सिटी (राजस्थान) 322201

प्राचीन भारतीय ज्ञान परम्परा एवं संस्कृत कथा साहित्य – दर्शन, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत

प्राचीन भारतीय ज्ञान परम्परा एवं संस्कृत कथा साहित्य – दर्शन, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत

एक वैदिक उक्ति है— “आ नो भद्राः क्रतवो यंतु विश्वतः”—अर्थात सभी दिशाओं से विचारों को आने दो। हर युग की अपनी ऐतिहासिक सीमा में तर्कसम्मत विचारों...

पहली तूलिका, पहली कहानी: भारत के प्रागैतिहासिक शैल चित्रों का अद्भुत संसार

पहली तूलिका, पहली कहानी: भारत के प्रागैतिहासिक शैल चित्रों का अद्भुत संसार

भारत की शैल चित्रकला अपने आप में अनूठी है। यह प्रागैतिहासिक काल से ही मानवीय मनो भावों को प्रकट करने का माध्यम रही है। मध्य प्रदेश के भीमबेटका शैलाश्रयों से लेकर महाराष...

सिंदूर क्यों लगाती हैं महिलाएं?

सिंदूर क्यों लगाती हैं महिलाएं?

स्त्रियों द्वारा मांग में सिंदूर लगाना - भारतीय वैदिक परम्परा खासतौर पर हिन्दू समाज में शादी के बाद हर सुहागिन महिला को मांग में सिन्दूर भरना आवश्यक है। सिन्दूर द्वारा...

सोने की सही दिशा कौनसी है? | उत्तर दिशा में सिर करके सोना क्यों वर्जित है?

सोने की सही दिशा कौनसी है? | उत्तर दिशा में सिर करके सोना क्यों वर्जित है?

हमारे शास्त्रों में लिखा है कि कभी भी उत्तर दिशा में सिर करके नहीं सोना चाहिए। इससे हमारी आयु घटती है क्योंकि दक्षिण की ओर पांव केवल मृत व्यक्ति के ही किये जाते हैं। अत...

वैदिक स्वास्तिक का वैज्ञानिक और सांस्कृतिक महत्व

वैदिक स्वास्तिक का वैज्ञानिक और सांस्कृतिक महत्व

स्वास्तिक अत्यन्त प्राचीन काल से ही भारतीय संस्कृति में मंगल प्रतीक माना जा रहा है। अतः कोई भी शुभ कार्य करने से पहले स्वास्तिक चिन्ह अंकित करके उसका पूजन किया जाता है।...

ॐ का वैज्ञानिक महत्व: भारतीय संस्कृति में छिपे रहस्यों की वैज्ञानिक व्याख्या

ॐ का वैज्ञानिक महत्व: भारतीय संस्कृति में छिपे रहस्यों की वैज्ञानिक व्याख्या

ॐ का प्रयोग करना - भारतीय संस्कृति में प्राचीन ऋषि मुनियों द्वारा ॐ का प्रयोग किया जाता था, आज भी ॐ का प्रयोग किया जाता है। ॐ के प्रयोग का हमारे जीवन में क्या महत्व है?...

नमस्कार का अर्थ, महत्व और वैज्ञानिक कारण

नमस्कार का अर्थ, महत्व और वैज्ञानिक कारण

नमस्कार शब्द नमः+कार दो शब्दों से मिलकर बना है। नमस्कार का आशय है हम संसार के कारक को हमेशा सादर नमन करते हैं क्योंकि हमारी निज कोई सता नहीं है जो कुछ भी इस संसार में ह...

प्रदक्षिणा का आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व

प्रदक्षिणा का आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व

हम मंदिर में कहीं भी जाते हैं तो प्रदक्षिणा जरूर करते हैं। यह प्रदक्षिणा क्यों की जाती है क्योंकि जब हम ईश्वर के आस-पास परिक्रमा करते हैं तो हमारी तरफ ईश्वर (प्रत्यक्षत...

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