Bhartiya Parmapara

महकते रिश्ते

रूद्र ने जैसे ही मम्मी से कहा वह अनन्या को पसंद करता है और उससे शादी करना चाहता है यह सुन पल भर को बेटे के बात पर काव्या को यकीन ही नहीं हुआ अपने शांत सौम्य बेटे से अचानक यह सुनना उसे कुछ हतप्रभ कर गया। बचपन से अपने बेटे पर हर खुशी न्यौछावर करने वाली काव्या ने अपनी मौ...

भाई का अनमोल उपहार

"ओह हो मम्मा! आप फिर से बैठ गई इन तस्वीरों को देखने। क्या यह तस्वीरें कुछ बदलकर आती है, जो आपकी नजरें इन पर अटक कर रह जाती है?“ 
"तुम नहीं समझोगी बेटी! यह केवल तस्वीरें नहीं है, रिश्तों की मजबूत कड़ियॉं हैं, जिसे मैंने जिया है।

एक कप चाय और सच्चा प्रेम

रवि अपने स्वर्णिम किरणों को बिखेरने में व्यस्त था और यह भोर सभी के जीवन में नव ऊर्जा का संचार कर रही थी। किंतु हर्ष और काव्या को अपने जीवन में अंधकार ही नजर आता। विवाह को पांच वर्ष पूरे होने को थे पहले दोनों ही अपने कैरियर को लेकर सचेत थे इसलिए बच्चा चाहते नहीं थ...

मृणाल की वापसी और गांव में बदलाव

मृणाल शहर से लोक प्रशासन की पढ़ाई पूरी कर गाँव आया। उसे लगा कि गाँव अब भी वैसा ही है, जैसा गाँव से शहर जाते समय था। मन बड़ा दुखी हुआ। न गाँव में सड़कें थीं, न ही बिजली। पानी का अब भी रोना था। सड़क के दोनों ओर मक्खियों की दावत रहती।

तमाशा

एक बार की बात है एक घर में आग लग गई। घर में से सभी लोगों को निकाला गया मोहल्ले के कुछ लोग आग बुझाने में लग गए तो कुछ लोग सिर्फ देख रहे थे।
उसी घर में एक चिड़िया का घोंसला भी था।
चिड़िया अपनी चोंच में थोड़ा पानी लाती और आग के ऊपर डाल देती लेकिन आग बुझ ही नही रही...

महिला सशक्तिकरण

आज जागतिक महिला दिवस है मुझे दो जगह महिला सशक्तिकरण पर भाषण देने जाना है इसलिए आज के सारे काम तुम्हें ही देखने होंगे कहते हुए विभा ने रसोई वाली को फोन लगाया। "समय देख रही हो कांता तुम्हें कल ही जता जताकर कह दिया था आज सुबह जल्दी आ जाना खाना बनाने, मुझे तैयार करने के ल...

बड़ा लेखक

एक बार एक गांव में एक लड़का रहता था जो की हमेशा सपने देखता था लेकिन जब वो अपने सपनों के बारें में दूसरों को बताता तो सब उसका मज़ाक उड़ाते और उसको समझने वाला कोई नहीं था। सब उससे यही कहते की ये तुम्हारे सपने पूरे नही हो सकते क्योंकि तुम एक छोटे से गांव में रहते हो। उस...

होली की सतरंगी छटा | प्रेरणादायक कहानी

श्वेता को पिछले साल की होली याद थी। कभी नहीं भूल सकती थी उस होली के हुड़दंग को। होली के ठीक दूसरे दिन वह बीमार पड़ गई थी। मम्मी-पापा बहुत परेशान हो गए थे। उसे एक हफ्ते के लिए हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ा था; स्कूल से अनुपस्थित रहना तो अलग ही। 

क्षितिज तक

डॉक्टर तमन्ना अस्पताल से निकलते हुए सोच में इतनी डूबी हुई थी कि उसने किसी के अभिवादन का जवाब दिए बिना ही कार तक पहुंच गई। उनके मन में अपनी बीमार बच्ची निम्मी का रुआँसा चेहरा घूम रहा था। जब वह रोज की तरह अस्पताल जाने के लिए तैयार हो रही थी, तभी निम्मी उसके पास आई और "प...

क्षितिज तक | बच्चों को चाहिए साथ, सिर्फ़ संसा...

डॉक्टर तमन्ना अस्पताल से निकलते हुए सोच में इतनी डूबी हुई थी कि उसने किसी के अभिवादन का जवाब दिए बिना ही कार तक पहुंच गई। उनके मन में अपनी बीमार बच्ची निम्मी का रुआँसा चेहरा घूम रहा था। जब वह रोज की तरह अस्पताल जाने के लिए तैयार हो रही थी, तभी निम्मी उसके पास आई और "प...

भ्रष्टाचार

निशा अखबार में आज कुछ नई खबर आई है क्या जो इतनी आंखें गड़ाए पढ़ रही हो। कुछ नया नहीं है निखिल, पता नहीं हमारे देश का क्या होगा हर तरफ बस भ्रष्टाचार की खबरें पढ़ने मिलती। 

हॉं, निशा तुम सही कह रही हो।

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जूतों की खोज और जीवन का संदेश

आज हम जूते पहनते हैं पैरों की सुरक्षा के साथ साथ अच्छे दिखने और फैशन के चलन में हो वैसे रंग बिरंगी। सब के लिए अलग अलग डिजाइन और फैशन के जूते और अब तो आयती भी मिलने लगे हैं, जो एक जीवन शैली का प्रतीक भी बन गए हैं। किंतु उसकी उत्पति की कहानी बहुत कुछ सीखा जाती हैं।

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