नौ माह से अपने मन में बेटे की ख्वाहिश पाल रही स्वधा जैसे ही लेबर रूम से बाहर आयी तो बेटी को देख उसका अश्रु बांध फूट पड़ा जमाना बदल गया पर आज भी सोच का दायरा संकुचित है यह देख उसकी मौसी मन मसोस कर रह गई। वहीं अस्पताल में दूसरी और बधाइयां बांटी जा रही थी जश्न मनाया जा र...
रूद्र ने जैसे ही मम्मी से कहा वह अनन्या को पसंद करता है और उससे शादी करना चाहता है यह सुन पल भर को बेटे के बात पर काव्या को यकीन ही नहीं हुआ अपने शांत सौम्य बेटे से अचानक यह सुनना उसे कुछ हतप्रभ कर गया। बचपन से अपने बेटे पर हर खुशी न्यौछावर करने वाली काव्या ने अपनी मौ...
"ओह हो मम्मा! आप फिर से बैठ गई इन तस्वीरों को देखने। क्या यह तस्वीरें कुछ बदलकर आती है, जो आपकी नजरें इन पर अटक कर रह जाती है?“
"तुम नहीं समझोगी बेटी! यह केवल तस्वीरें नहीं है, रिश्तों की मजबूत कड़ियॉं हैं, जिसे मैंने जिया है।
रवि अपने स्वर्णिम किरणों को बिखेरने में व्यस्त था और यह भोर सभी के जीवन में नव ऊर्जा का संचार कर रही थी। किंतु हर्ष और काव्या को अपने जीवन में अंधकार ही नजर आता। विवाह को पांच वर्ष पूरे होने को थे पहले दोनों ही अपने कैरियर को लेकर सचेत थे इसलिए बच्चा चाहते नहीं थ...
मृणाल शहर से लोक प्रशासन की पढ़ाई पूरी कर गाँव आया। उसे लगा कि गाँव अब भी वैसा ही है, जैसा गाँव से शहर जाते समय था। मन बड़ा दुखी हुआ। न गाँव में सड़कें थीं, न ही बिजली। पानी का अब भी रोना था। सड़क के दोनों ओर मक्खियों की दावत रहती।
आज जागतिक महिला दिवस है मुझे दो जगह महिला सशक्तिकरण पर भाषण देने जाना है इसलिए आज के सारे काम तुम्हें ही देखने होंगे कहते हुए विभा ने रसोई वाली को फोन लगाया। "समय देख रही हो कांता तुम्हें कल ही जता जताकर कह दिया था आज सुबह जल्दी आ जाना खाना बनाने, मुझे तैयार करने के ल...
श्वेता को पिछले साल की होली याद थी। कभी नहीं भूल सकती थी उस होली के हुड़दंग को। होली के ठीक दूसरे दिन वह बीमार पड़ गई थी। मम्मी-पापा बहुत परेशान हो गए थे। उसे एक हफ्ते के लिए हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ा था; स्कूल से अनुपस्थित रहना तो अलग ही।
डॉक्टर तमन्ना अस्पताल से निकलते हुए सोच में इतनी डूबी हुई थी कि उसने किसी के अभिवादन का जवाब दिए बिना ही कार तक पहुंच गई। उनके मन में अपनी बीमार बच्ची निम्मी का रुआँसा चेहरा घूम रहा था। जब वह रोज की तरह अस्पताल जाने के लिए तैयार हो रही थी, तभी निम्मी उसके पास आई और "प...
डॉक्टर तमन्ना अस्पताल से निकलते हुए सोच में इतनी डूबी हुई थी कि उसने किसी के अभिवादन का जवाब दिए बिना ही कार तक पहुंच गई। उनके मन में अपनी बीमार बच्ची निम्मी का रुआँसा चेहरा घूम रहा था। जब वह रोज की तरह अस्पताल जाने के लिए तैयार हो रही थी, तभी निम्मी उसके पास आई और "प...
निशा अखबार में आज कुछ नई खबर आई है क्या जो इतनी आंखें गड़ाए पढ़ रही हो। कुछ नया नहीं है निखिल, पता नहीं हमारे देश का क्या होगा हर तरफ बस भ्रष्टाचार की खबरें पढ़ने मिलती।
हॉं, निशा तुम सही कह रही हो।
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