दीपावली भारत का सबसे बड़ा त्यौहार है। यह हमारी अनूठी संस्कृति का एक महत्वपूर्ण भाग है। यह त्यौहार है - अंधकार पर प्रकाश की विजय, अज्ञान पर ज्ञान की विजय और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक एवं हर्षोल्लास से उत्सव मनाने का अवसर।
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दीपावली भारत का सबसे बड़ा त्यौहार है। यह हमारी अनूठी संस्कृति का एक महत्वपूर्ण भाग है। यह त्यौहार है - अंधकार पर प्रकाश की विजय, अज्ञान पर ज्ञान की विजय और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक एवं हर्षोल्लास से उत्सव मनाने का अवसर।
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सांझी माता का पर्व भाद्रपद की पूर्णिमा से लेकर अश्विन मास की अमावस्या तक मनाया जाता है। यह पर्व विशेषकर कुंवारी कन्याओं का होता है और पूरे पितृपक्ष के 16 दिनों तक चलता है। सांझी माता का पर्व विशेष रूप से ब्रज क्षेत्र, राजस्थान, बुंदेलखंड, गुजरात, मालवा, और निमाड़ में म...
दुर्गा पूजा, भारत के एक प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे देशभर में पूरे उत्साह और भव्यता के साथ मनाया जाता है। यह पर्व विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में अत्यधिक महत्वपूर्ण है, इसके अलावा ओडिशा, बिहार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में भी इसे बड़े धूमधाम से...
हिन्दू धर्म में अनेक त्यौहार हैं, जिन्हें भक्त, पूरे श्रद्धाभाव के साथ मनाते हैं। हर एक त्यौहार को मनाने एवं पूजने की विधि अलग होती है, जिसका नियमानुसार पालनकर, भक्त उस त्यौहार को संपन्न करते हैं। इन्हीं में से एक त्यौहार है, करवा चौथ। हिन्दू धर्म में करवा चौथ व्रत का...
धनतेरस कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन मनाया जाता है इस दिन अर्थात धनतेरस को भगवान धन्वंतरी का जन्म हुआ था इसलिए इस तिथि को “धनतेरस अथवा धनत्रयोदशी” के नाम से भी जाना जाता है। भगवान धन्वंतरी के जन्मदिवस होने के कारण भारत सरकार ने इसे "राष...
पौराणिक काल में एक बार महर्षि वेदव्यास ने महाभारत की रचना के लिए गणेशजी का आह्नान किया और उनसे महाभारत को लिपिबद्ध करने की प्रार्थना की। गणेश जी ने कहा कि मैं जब लिखना प्रारंभ करूंगा तो कलम को रोकूंगा नहीं, यदि कलम रुक गई तो लिखना बंद कर दूंगा।
हरतालिका तीज वास्तव में 'सत्यम शिवम सुंदरम' के प्रति आस्था और प्रेम का व्यवहार है। वास्तव में हरतालिका तीज सुहागन का त्यौहार है। भारतीय संस्कृति एवं हिंदू धर्म में महिलाओं के जो विशेष व्रत होते हैं, उसमें हरतालिका तीज का विशेष एवं महत्वपूर्ण स्थान है। अन्य व्रत की अपे...
शिव आराधना का श्रावण मास आस्था और विश्वास के साथ ही प्रकृति के सुंदरतम श्रृंगार का मनभावन मौसम है। तृप्त धरा चारों और हरियाली की लहराती चुनर में इठलाती है। नदियों में ऊँची-ऊँची उठती लहरें और झरनों का सुमधुर कलरव हर मन को आकर्षित करता है। ऐसे ही वर्षा ऋतु के सावन मास क...
श्रावण मास की शुरुआत के साथ-साथ मंदिरों में 'हर हर महादेव' के जयकारे और शंखों की गूंज से सम्पूर्ण विश्व गुंजायमान होने लगते हैं। ऐसी मान्यता है कि जैसे ही आषाढ़ मास में शुक्ल पक्ष एकादशी को श्री हरी विष्णु चार महीने के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं और इसी के साथ-साथ...
वैशाख माह की शुक्ल पक्ष तृतीया का हमारे सनातन धर्म मे विशेष महत्व है। अक्षय तृतीया अर्थात आखा तीज का दिन बहुत शुभ होता। अक्षय तृतीया को सर्व सिद्ध मुहूर्त माना जाता है। मान्यता है कि यह दिन इतना शुभ है कि बिना पंचांग देखे कोई भी शुभ व मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह-प्र...
वट सावित्री का व्रत अपने आप में एक विशेषता लिए हुए हैं। यह व्रत किस तिथि को किया जाता है इस संबंध में दो मत है। पहला विचार स्कंद पुराण तथा भविष्योत्तर पुराण के अनुसार जेष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन होता है तथा दूसरा विचार निर्णचामृत आदि के अनुसार जेष्ठमास...
हमारी भारतीय संस्कृति में हिंदू धर्म में एकादशी या ग्यारस एक महत्वपूर्ण तिथि है। हिंदू धर्मालम्बी श्रद्धा और निष्ठा के साथ एकादशी का व्रत करते हैं। एकादशी एक देवी थी, जिन्हे भगवान विष्णु के द्वारा प्रकट किया था। इसके कारण ही एकादशी के व्रत में भगवान विष्णु की पूजा होत...