Bhartiya Parmapara

वट सावित्री व्रत

वट सावित्री का व्रत अपने आप में एक विशेषता लिए हुए हैं। यह व्रत किस तिथि को किया जाता है इस संबंध में दो मत है। पहला विचार स्कंद पुराण तथा भविष्योत्तर पुराण के अनुसार जेष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन होता है तथा दूसरा विचार निर्णचामृत आदि के अनुसार जेष्ठमास...

वरुथिनी एकादशी का महत्व, नियम व कथा

हमारी भारतीय संस्कृति में हिंदू धर्म में एकादशी या ग्यारस एक महत्वपूर्ण तिथि है। हिंदू धर्मालम्बी श्रद्धा और निष्ठा के साथ एकादशी का व्रत करते हैं। एकादशी एक देवी थी, जिन्हे भगवान विष्णु के द्वारा प्रकट किया था। इसके कारण ही एकादशी के व्रत में भगवान विष्णु की पूजा होत...

महाशिवरात्रि व्रत कथा और पूजन विधि

भारत की संस्कृति धर्म परायण है, धर्म परायण होने के कारण भारतीय संस्कृति में व्रत का अपना एक विशेष महत्व है। महाशिवरात्रि एक प्रमुख धार्मिक पर्व उत्सव एवं व्रत है। शैव धर्मालम्बी महाशिवरात्रि को बड़ी श्रद्धा तथा उत्साह से मनाते हैं। महाशिवरात्रि का पर्व भारत के साथ-साथ...

चैत्र नवरात्रि का महत्व

हिंदू धर्म में प्रचलित मान्यताओं के अनुसार चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा का जन्म हुआ था और मां दुर्गा के कहने पर ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया था। इसीलिए चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से हिन्दू वर्ष शुरू होता है। कई स्थानों पर इसे “गुड़ी पड़वा” भी क...

वैदिक होली की परंपरा और विज्ञान

वैदिक सनातन संस्कृति एक ऐसा विशाल वट वृक्ष है, जिसकी शाखाओं - प्रशाखाओं के रूप में संस्कृति के विभिन्न रंगों की झलक मिलती है। इसमें विभिन्न पर्वों का महत्व, ज्ञान-विज्ञान एवं प्राकृतिक परिवेश के रूप में दृष्टिगोचर होता है। हमारे ऋषि - मुनियों ने समाज के सर्वोत्तम एवं...

श्री लक्षेश्वर - महाशिवरात्रि पर्व

वैसे तो पूरा साल श्री लक्षेश्वर में दर्शनार्थियों का आना जाना लगा रहता है, किन्तु अनेक भव्य उत्सवों में यहाँ का एक भव्य उत्सव याने श्री महाशिवरात्रि यात्रा महोत्सव! माह महीने की कृष्णपक्ष की चतुर्दशी को आने वाली शिवरात्रि अर्थात महाशिवरात्रि!  महाशिवरात्रि का यह...

चैत्र नवसंवत्सर 2025 का महत्व और उत्सव

नवसंवत्सर का जुड़ाव हमारी प्रकृति से है, सृष्टि से है, ऋतुओं से है, जीवों से है, जीवमण्डल से है और धरती से है। ऋतु परिवर्तन प्रकृति का चक्र है। ऋतु का अर्थ है, जो सदा चलता रहे। यह लय और गति हमें संदेश देती है कि वर्षभर नए नूतन परिवर्तन की ओर सतत अग्रसर रहें। गति का जी...

होली क्यों मनाते है? | होली का महत्व

भारत के अन्य त्योहारों की तरह होली का त्योहार भी बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है, जिसे रंगों के त्योहार के रूप में फाल्गुन महीने की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। होली रंगों के साथ साथ वसंत ऋतु के समान हँसी-खुशी का त्योहार है। वसंत की ऋतु में हर्षोल्लास के साथ मन...

नीम की डाली / टहनी से बड़ी (सातुड़ी) तीज की प...

हिन्दू धर्म में त्योहारों का बड़ा महत्व है। उसमे भी सावन का महीना मस्ती, प्रेम और उत्साह का महीना माना जाता है। इस महीने में महिलाओं का सौंधा-सा पर्व सातुड़ी तीज रक्षाबंधन के तीसरे दिन के बाद आती है। वास्तव में इस मौसम में तीज व्रत मनाने का अवसर तीन बार आता है। हरियाल...

आदि पेरुक्कु का त्योहार | तमिलनाडु का मानसून...

आदि पेरुक्कु पर्व समृद्धि और उर्वरता का प्रतिक है जिसे तमिलनाडु में मानसून त्योहार के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व तमिल महीने के 18 वें दिन मनाया जाता है।महिलाओं द्वारा मनाए जाने वाले इस पर्व के दिन जल-अनुष्ठान के रूप में, प्रकृति का सम्मान किया जाता है। इस दिन उफनत...

भाई दूज (यम द्वितीया): भाई-बहन के प्रेम, परंप...

भारतीय संस्कृति एवं हिंदू धर्मानुसार भाई बहन के प्यार निश्चय प्रेम की तीन तिथियां होती है। रक्षाबंधन, होली की दूज, तथा दीपावली के बाद भाई दूज। यह तीनों तिथियों का मूल दर्शन एवं भाव भाई बहन के प्यार को स्थायित्व देना है।

हम सभी जानत...

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