Bhartiya Parmapara
अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए अभिवादनशीलता का महत्व

अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए अभिवादनशीलता का महत्व

अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए अनिवार्य है अभिवादनशीलता  
पुराणों में महर्षि मार्कंडेय की एक कथा मिलती है। महर्षि मार्कंडेय मृकंडु के पुत्र थे। महर्षि...

क्या हमारे कार्य करने की कोई सीमा होती है?

क्या हमारे कार्य करने की कोई सीमा होती है?

क्या हमारे कार्य करने की कोई सीमा होती है? इसका सही-सही उत्तर देना शायद संभव न हो लेकिन हम जितना सोचते हैं उससे कहीं अधिक मुश्किल और असंभव लगने वाला कार्य भी कर सकते है...

मरहम: करुणा, सहानुभूति और मानवता की एक मार्मिक कहानी

मरहम: करुणा, सहानुभूति और मानवता की एक मार्मिक कहानी

एक बुढ़िया थी जो बेहद कमज़ोर और बीमार थी। रहती भी अकेले ही थी। उसके कंधों में दर्द रहता था लेकिन वह इतनी कमज़ोर थी कि ख़ुद अपने हाथों से दवा लगाने में भी असमर्थ थी। कंधों प...

पिता–पुत्र की वास्तविक जीत: हार में छिपी इंसानियत और विजय की कहानी

पिता–पुत्र की वास्तविक जीत: हार में छिपी इंसानियत और विजय की कहानी

राजेश्वर प्रसाद की उम्र यद्यपि काफी हो चुकी थी लेकिन अपनी वास्तविक उम्र से बहुत कम के लगते थे राजेश्वर प्रसाद।  
और इसका कारण था उनकी संतुलित दिनचर्या व जीवनचर्...

निर्णय (The Decision)

निर्णय (The Decision)

पिछले दिनों एक मित्र मिले। बुज़ुर्ग हैं। उनकी तीन पुत्रियाँ हैं। तीनों ही ख़ूब पढ़-लिखकर अच्छी नौकरियाँ पा चुकी हैं। तीनों की ही शादियाँ भी हो चुकी हैं। छोटी बेटी की ...

डॉ. विश्वास की ईमानदारी: बाल श्रम, भ्रष्टाचार और नैतिक साहस की सच्ची कहानी

डॉ. विश्वास की ईमानदारी: बाल श्रम, भ्रष्टाचार और नैतिक साहस की सच्ची कहानी

डॉ. विश्वास का आज इस नए हॉस्पीटल में पहला ही दिन था। पिछले सप्ताह ही उसकी एमडी पूरी हुई थी और एक सप्ताह के अंदर ही उसे एक सरकारी हॉस्पीटल में नौकरी मिल गई थी। हॉस्पीटल...

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