Bhartiya Parmapara
प्राचीन तीर्थ सम्भल – कल्कि अवतार की जन्मस्थली और 68 तीर्थों का पावन धाम

प्राचीन तीर्थ सम्भल – कल्कि अवतार की जन्मस्थली और 68 तीर्थों का पावन धाम

सृष्टि के आरम्भ में ही भगवान विश्वकर्मा ने अड़सठ तीर्थों और उन्नीस पुण्य - कूपों के सहित सम्भल तीर्थ का निर्माण किया था। सत्ययुग में इसका नाम ‘सत्यव्रत’, त्...

भारतीय नववर्ष क्यों मनाया जाता है??

भारतीय नववर्ष क्यों मनाया जाता है??

1 जनवरी से प्रतिवर्ष अँग्रेजी नववर्ष प्रारंभ हो जाता है। यह अंग्रेजों के द्वारा हमें दी गयी एक कुप्रथा है, जो हमारी मानसिक दासता का प्रतीक है। यह सत्य है कि विश्व ने इस...

नारी: परिवार की कुशल प्रबंधक — भारतीय संस्कृति में नारी की शक्ति, भूमिका और महत्व

नारी: परिवार की कुशल प्रबंधक — भारतीय संस्कृति में नारी की शक्ति, भूमिका और महत्व

भारतीय संस्कृति में नारी को ‘शक्ति’ कहा गया है। वह सृजन की स्रोत, प्रेम की प्रतीक और संतुलन की संवाहिका है। यदि कहा जाए कि परिवार नामक संस्था की धुरी नारी ह...

भगवान श्रीराम के उच्चतम आदर्श

भगवान श्रीराम के उच्चतम आदर्श

युगधर्म के अनुसार त्रेतायुग में श्रीराम का एक अलौकिक अवतार हुआ, जिनके उच्चतम आदर्श और मर्यादित आचरण के कारण उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान के रूप में मान्यता मिली। हजा...

हेमू कालाणी – भारत के युवा स्वतंत्रता सेनानी

हेमू कालाणी – भारत के युवा स्वतंत्रता सेनानी

देश को अँग्रेजों से मुक्ति दिलाने के लिए जिन वीर सपूतों ने अपना बलिदान दिया, उनमें अमर बलिदानी हेमू कालाणी का नाम चिरस्मरणीय है। मात्र 19 वर्ष की आयु में वे बलिदान हो ग...

गोरखपुर का आध्यात्मिक इतिहास

गोरखपुर का आध्यात्मिक इतिहास

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से पूर्व लगभग 272 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गोरखपुर नगर आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। गोरखपुर छठी शताब्दी ईसा पूर्व सोलह महाजनप...

दीपावली पर बच्चों को देश की संस्कृति एवं परंपरा से जोड़ें

दीपावली पर बच्चों को देश की संस्कृति एवं परंपरा से जोड़ें

दीपावली भारत का सबसे बड़ा त्यौहार है। यह हमारी अनूठी संस्कृति का एक महत्वपूर्ण भाग है। यह त्यौहार है - अंधकार पर प्रकाश की विजय, अज्ञान पर ज्ञान की विजय और बुराई पर अच्...

तीर्थाटन और धार्मिक पर्यटन का महत्व

तीर्थाटन और धार्मिक पर्यटन का महत्व

तीर्थ का तात्विक तात्पर्य है –  
“'तीर्थते अनेन या तरति पापादिक यस्मात” अर्थात जिससे तर जाया जाए या पापमुक्त हुआ जाए। तीर्थ बहुत ही पवित्...

शाकाहार: सर्वोत्तम आहार, क्यों त्याज्य है मांसाहार

शाकाहार: सर्वोत्तम आहार, क्यों त्याज्य है मांसाहार

शाकाहार एक जीवन - प्रणाली है, जिसका भारतीय संस्कृति और विज्ञान से गहरा संबंध है। यह निर्विवाद है कि आध्यात्मिक, नैतिक, आर्थिक, अहिंसा, प्रकृति, योग, पाचन-क्रिया एवं पर्...

वैदिक होली की परंपरा और विज्ञान

वैदिक होली की परंपरा और विज्ञान

वैदिक सनातन संस्कृति एक ऐसा विशाल वट वृक्ष है, जिसकी शाखाओं - प्रशाखाओं के रूप में संस्कृति के विभिन्न रंगों की झलक मिलती है। इसमें विभिन्न पर्वों का महत्व, ज्ञान-विज्ञ...

घर की लक्ष्मी हैं गृहणियाँ

घर की लक्ष्मी हैं गृहणियाँ

नारी को सम्मान, सृजन और शक्ति का प्रतीक माना गया है। हमारे धर्मग्रंथों में नारी शक्ति की महिमा गाई गई है। महिला शब्द में ही ममता, मृदुलता, मानवता और मातृत्व का समावेश ह...

आत्मकथा वसंत की | वसंत ऋतु

आत्मकथा वसंत की | वसंत ऋतु

भारत में वर्षभर में छह ऋतुएँ होती हैं। आपको नाम नहीं मालूम, चलो बता देता हूँ- ग्रीष्म, वर्षा, शरद, शिशिर, हेमंत और वसंत। इस क्रम में मैं भले ही अंत में आता हूँ किंतु हम...

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