Bhartiya Parmapara
बालों का झड़ना

बालों का झड़ना

1/2 kg नारियल का तेल और 50 ग्राम करी पत्ते (मिठा नीम), दोनों को 5 मिनट साथ उबालें और फिर तेल को ठंडा होने दें।  फिर उस तेल को छान कर एक बोतल में भरदे। सप्ताह में द...

जगन्नाथ रथयात्रा | उत्कल प्रदेश के श्री जगन्नाथ भगवान | ओडिशा

जगन्नाथ रथयात्रा | उत्कल प्रदेश के श्री जगन्नाथ भगवान | ओडिशा

उत्कल प्रदेश के प्रधान देवता श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया को जगन्नाथपुरी में आरम्भ होती है और शुक्ल पक्ष की ग्यारस को रथयात्रा का समापन होता है...

क्यों मनाई जाती है आषाढ़ की पूनम को गुरु पूर्णिमा | गुरु पूर्णिमा

क्यों मनाई जाती है आषाढ़ की पूनम को गुरु पूर्णिमा | गुरु पूर्णिमा

भारतीय संस्कृति में गुरु को देवता तुल्य माना जाता है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा का यह पर्व महार्षि वेद व्यास जी के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है...

योग का वर्गीकरण

योग का वर्गीकरण

योग रोगमुक्त जीवन जीने की एक कला है। योग का मुख्य उद्देश्य मन की परम शांति प्राप्त करना है, जिसके लिए आत्मा, शरीर और मन को एकजुट करना होता है। योग करने से तन, मन और आत्...

अक्षय तृतीया | क्यों मनाई जाती है अक्षय तृतीया? | अक्षय तृतीया का महत्व क्या है ?

अक्षय तृतीया | क्यों मनाई जाती है अक्षय तृतीया? | अक्षय तृतीया का महत्व क्या है ?

अक्षय तृतीया या आखा तीज वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनायी जाती हैं। अक्षय शब्द को २ भाग में विभाजित करके इसके अर्थ को आसानी से समझा सकता है, अ + क्षय जिस...

साजिबू नोंग्मा पैनाबा

साजिबू नोंग्मा पैनाबा

साजिबू नोंग्मा पैनाबा नाम मणिपुरी शब्दों से मिलकर ही बना है, साजिबू - वर्ष का पहला महीना जो आमतौर पर अप्रैल के महीने के दौरान मेइती चंद्र कैलेंडर के अनुसार आता है, नोंग...

गणगौर का व्रत एवं पूजा | गणगौर व्रत

गणगौर का व्रत एवं पूजा | गणगौर व्रत

गणगौर राजस्थान एवं सीमावर्ती राज्यों का एक मुख्य त्योहार है, चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया को गणगौर का व्रत किया जाता है। यह व्रत महिलाये अपने पति की लम्बी आयु के ल...

चेटीचंड का त्योहार क्यों मनाते है ? | झूलेलाल जयंती

चेटीचंड का त्योहार क्यों मनाते है ? | झूलेलाल जयंती

चैत्र शुक्ल द्वितीया से सिंधी नववर्ष प्रारम्भ होता है। जिसे चेटीचंड के नाम से जाना जाता है। चैत्र मास को सिंधी में "चेट" कहा जाता है और चांद को "चण्डु", इसलिए चेटीचंड क...

उगादी या युगादी का त्योहार क्यों मनाते है ?

उगादी या युगादी का त्योहार क्यों मनाते है ?

उगादी का पर्व उन लोगों के लिए नए साल के आगमन का प्रतीक है जो दक्षिण भारत के चंद्र कैलेंडर का अनुसरण करते हैं। जो विशेष रूप से कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र राज्यो...

होली की परम्पराये | होली मनाने का तरीका

होली की परम्पराये | होली मनाने का तरीका

होली के पर्व की तरह इसकी परंपराए भी अत्यंत प्राचीन हैं साथ ही इसका स्वरूप और उद्देश्य समय के साथ बदलता रहा है। प्राचीन काल में यह विवाहित महिलाओं द्वारा परिवार की सुख स...

होली -  रंग अनेक, तरीके अनेक

होली - रंग अनेक, तरीके अनेक

भारत त्योहारों का देश है। पूरे साल कई बड़े त्योहार देशवासी पुरे उत्साह के साथ मनाते है। उन्हीं में से एक होली का त्योहार है। राग और रंगों के इस त्योहार में लोग गीले-शिक...

ब्यावर का ऐतिहासिक बादशाह मेला | Beawar City

ब्यावर का ऐतिहासिक बादशाह मेला | Beawar City

ब्यावर का ऐतिहासिक बादशाह मेला राजस्थान की रंग-बिरंगी संस्कृति की झलक प्रस्तुत करते हुए कौमी एकता का संदेश देता है। बादशाह मेलें के दौरान बादशाह की सवारी में शामिल होकर...

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