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नवरात्रि के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा, व्रत कथा, मंत्र, आरती, भोग और प्रसाद

नवरात्रि के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा, व्रत कथा, मंत्र, आरती, भोग और प्रसाद

नवदुर्गा की नौ शक्तियों का यह दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी का है। ब्रहा + चारिणी में ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी यानी आचरण करने वाली। इस प्रकार ब्रह्मचारिणी का अर्थ...

नवरात्रि के पहले दिन माँ शैलपुत्री की पूजा, व्रत कथा, मंत्र, आरती, भोग और प्रसाद

नवरात्रि के पहले दिन माँ शैलपुत्री की पूजा, व्रत कथा, मंत्र, आरती, भोग और प्रसाद

नवरात्रि के त्योहार की 9 दिनों तक बड़ी धूम धाम रहती है, इन नौ दिनों में माँ दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की उपासना की जाती है। नवरात्रि के प्रथम दिन माँ शैलपुत्री की पूजा...

शारदीय नवरात्रि में घट स्थापना कैसे करे ? | कलश स्थापना

शारदीय नवरात्रि में घट स्थापना कैसे करे ? | कलश स्थापना

शारदीय नवरात्रि में घट स्थापना, नवरात्रि की शुरुआत घट स्थापना के साथ ही होती है। घट स्थापना को कलश स्थापना भी कहा जाता है। घट स्थापित करके शक्ति की देवी का आह्वान करना...

श्राद्धपक्ष के दौरान न करें ये काम | पितृपक्ष

श्राद्धपक्ष के दौरान न करें ये काम | पितृपक्ष

माना जाता है कि पितृपक्ष के 16 दिनों के दौरान सभी पूर्वज अपने परिजनों को आशीर्वाद देने के लिए पृथ्वी लोक पर आते हैं। वे भी अपने घर परिवार का ही हिस्सा होते है, उनके लिए...

कुरकुरे पकोड़े

कुरकुरे पकोड़े

पकौड़े बनाते समय अगर उसके घोल में एक चमच्च सूजी या एक-चुटकी अरारोट और थोडा गर्म तेल मिला दिया जाये तो पकौडें अधिक कुरकुरे और टेस्‍टी बनते हैं।

अधिक मास में दान का महत्व | पुरुषोत्तम मास की तिथिनुसार दान सामग्री

अधिक मास में दान का महत्व | पुरुषोत्तम मास की तिथिनुसार दान सामग्री

अधिक मास में दान का महत्व: हिन्दू पंचांग के अनुसार अधिक मास एक पवित्र अवधि होती है, जिसमें दान-पुण्य का विशेष महत्व है। इस मास में दान करने से व्यक्ति के पापों का नाश ह...

क्यों होता है अधिकमास | अधिकमास का पौराणिक आधार

क्यों होता है अधिकमास | अधिकमास का पौराणिक आधार

भारतीय पंचांग (खगोलीय गणना) के अनुसार प्रत्येक तीसरे वर्ष एक अधिक मास होता है। यह सौर और चंद्र मास को एक समान लाने की गणितीय प्रक्रिया है। शास्त्रों के अनुसार पुरुषोत्त...

हिंदी वर्णमाला की संपूर्ण जानकारी | हिंदी वर्णमाला

हिंदी वर्णमाला की संपूर्ण जानकारी | हिंदी वर्णमाला

मानवो द्वारा व्यक्त की गई ध्वनियों को भाषा कहा जाता है। भाषा विज्ञान के अनुसार मनुष्य के द्वारा प्रकट की गई ध्वनियों को शब्द चिन्ह के द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है जिन्...

क्या है पितृपक्ष की पौराणिक कथा ?

क्या है पितृपक्ष की पौराणिक कथा ?

शास्त्रों के अनुसार जब महाभारत के युद्ध में दानवीर कर्ण का निधन हो गया और उनकी आत्मा स्वर्ग पहुंची, तो उन्हें खाने के लिए भोजन की बजाय सोना, चांदी और गहने दिए गए। हैरान...

मसालों को ख़राब / जाले पड़ने से कैसे बचाये ?

मसालों को ख़राब / जाले पड़ने से कैसे बचाये ?

बरसात के दिनों में मसाले खराब होने लगते हैं इसीलिए मसालों को बचाने के लिए मसालों को कांच के जार में रखें और इसमें थोड़ा सा नमक मिला दे। नमक मिलाकर आप मसालों को काफी दिन...

श्राद्ध क्या होते है? | पितरों को श्राद्ध की प्राप्ति कैसे होती है ?

श्राद्ध क्या होते है? | पितरों को श्राद्ध की प्राप्ति कैसे होती है ?

मान्यताओं के अनुसार सबसे पहले अत्रि मुनि ने श्राद्ध का उपदेश दिया था। इसके बाद सबसे पहला श्राद्ध महर्षि निमि ने निकाला था। बाद में धीरे-धीरे कई अन्य महर्षि भी श्राद्ध क...

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