आखिर क्यों मनाया जाता है करवा चौथ का त्योहार, जानिए छलनी में क्यों देखा जाता है चाँद और पति का चेहरा? सरगी क्यों और कब खायी जाती है ? सावित्री के त्याग और फल से ही शुरू...
हमारे सनातन धर्म और ज्योतिष शास्त्र में तिथियों का विशेष स्थान होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार पूर्णिमा और अमावस्या की तिथि से माह पूरा होता है। पंचांग के अनुसार साल मे...
कार्तिक माह को काती भी कहते है, इसमें कृतिका नक्षत्र होने के कारण इस माह का नाम कार्तिक माह पड़ा। शरद पूर्णिमा से कार्तिक माह व्रत शुरू होता है जो कार्तिक पूर्णिमा पर स...
आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। पुराणों के अनुसार देवी लक्ष्मी इसी पूर्णिमा तिथि को समुद्र मंथन से उपन्न हुई थीं। इसीलिए शरद पूर्णिमा...
हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसता है, जिससे स्वास्थ्य और समृद्धि में वृद्धि होती है। इस पर्व को कोजागरी पूर्णि...
पंचाग के अनुसार आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को विजयदशमी, दशहरे अथवा आयुध पूजा के रुप में देशभर में मनाया जाता है। दशहरा हिंदूओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। य...
नवरात्रि के नौवें दिन को महानवमी कहा जाता है। इस दिन मां सिद्धिदात्री की विधि विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। मां दुर्गा का यह स्वरूप सभी प्रकार की सिद्धियों को द...
नवरात्रि के आठवें दिन माँ महागौरी की पूजा की जाती है। आदिशक्ति श्री दुर्गा का अष्टम रूप श्री महागौरी हैं। पुराणों के अनुसार शुंभ निशुंभ से पराजित होने के बाद देवताओं ने...
नवरात्रि के छठे दिन माँ दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा की जाती है। देवी पार्वती ने यह रूप महिषासुर का वध करने के लिए धारण किया था। माँ कात्यायनी की उपासना से जीवन क...
नवरात्रि का सातवां दिन माँ दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा-अर्चना होती है। माँ की पूजा करने से व्यक्ति को शुभ फल की प्राप्ति होती है, इस कारण से माँ कालरात्रि को शुभ...
नवरात्रि के पांचवे दिन देवी के स्कंदमाता स्वरूप की पूजा की जाती है, स्कंदमाता हिमायल की पुत्री पार्वती ही हैं। इन्हें गौरी भी कहा जाता है। कुमार कार्तिकेय को भगवान स्कं...
हिन्दू मान्यताओं के अनुसार जब इस संसार में सिर्फ अंधकार था तब देवी कूष्माँडा ने अपने ईश्वरीय हास्य से ब्रह्माँड की रचना की थी। यही वजह है क&zwj...
