Bhartiya Parmapara
सोना समझ गयी | एक मेहनती चींटी की प्रेरणादायक कहानी

सोना समझ गयी | एक मेहनती चींटी की प्रेरणादायक कहानी

"मैं बहुत थक गयी हूँ। अब एक कदम भी नहीं चला जाता है मुझसे। सुबह से शाम तक बस; सिर्फ काम ही काम। सुनिए जी, आज मैं घर पर ही रहूँगी। आप जाइये काम पर।" नन्हीं चींटी सोना ने...

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