Bhartiya Parmapara

Preeti Jhanwar

Preeti Jhanwar
Preeti Jhanwar

महाराजाओं की भूमि राजस्थान में अजमेर जिले के ब्यावर शहर में जन्म।

बचपन से ही घर में सत्संग का माहौल देखा है और इसके साथ ही कुछ करने की इच्छा भी मन में हमेशा रही है। कंप्यूटर साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उन्होंने एक निजी इन्फोटेक कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर के रूप में काम करना शुरू किया। वहां मुझे नेतृत्व करने और वेबसाइट डिजाइनिंग शुरू करने का अवसर मिला।

मेरी शादी के बाद, मैं और मैं भारत के तथाकथित सपनों के शहर - मुंबई चली आयी। शुरुआत में करीब एक साल तक 1-2 कंपनियों में काम करते हुए मुझे समझ आ गया था कि मेरे लिए मुंबई घूमना आसान नहीं होगा, वहीं दूसरी ओर अपने काम से जुड़े रहने की दृढ़ इच्छाशक्ति के चलते मैंने अपनी शुरुआत की, खुद का उद्यम शुरू करने का निर्णय लिया। 

मुझे पता था कि रास्ता आसान नहीं है लेकिन फिर भी मैं उस पर चल पड़ी। इसकी शुरुआत एमएक्स क्रिएटिविटी के नाम से की। कॉर्पोरेट ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स पोर्टल, वेबसाइट, ई-कार्ड, डिजिटल और सोशल मीडिया मार्केटिंग के लिए वेबसाइट डिजाइनिंग के लिए लगभग 14 वर्षों तक ब्रांड डिजाइनिंग करने के बाद। इन सभी ब्रांडों के तहत कई और सेवाएं प्रदान की जा रही हैं - एमएक्स क्रिएटिविटी, किंग्स वेड्स क्वींस और भारतीय परंपरा

दही हांडी | दही हांडी पर्व क्यों और कैसे मनाया जाता है ?

दही हांडी | दही हांडी पर्व क्यों और कैसे मनाया जाता है ?

 कृष्ण जन्माष्टमी या गोकुलाष्टमी के एक दिन बाद भाद्रपद की नवमीं को दही हांडी का पर्व बहुत हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस पर्व में एक मिट्टी की हांड़ी (मटकी) में दही - माखन, दूध, फूल औ...

खुजली (Itchy Skin)

खुजली (Itchy Skin)

शरीर के किसी भी हिस्से में खुजली होने पर लहसुन को सरसों के तेल में उबाल कर ठंडा होने दे। अब इस तेल को कुछ दिनों तक लगते रहे, खुजली मिट जाएगी।

एक और तरीका अपना सकते है - खोपरे के तेल में कपू...

शरीर पर दाद

शरीर पर दाद

शरीर पर दाद को जड़ से हटाने का रामबाण नुस्खा। 
लहसुन को जला ले अब उसकी राख (भस्म) को शहद में मिला कर दाद पर दिन में 2-3 बार लगा ले। 

बालों का झड़ना

बालों का झड़ना

1/2 kg नारियल का तेल और 50 ग्राम करी पत्ते (मिठा नीम), दोनों को 5 मिनट साथ उबालें और फिर तेल को ठंडा होने दें।  फिर उस तेल को छान कर एक बोतल में भरदे। सप्ताह में द...

जगन्नाथ रथयात्रा | उत्कल प्रदेश के श्री जगन्नाथ भगवान | ओडिशा

जगन्नाथ रथयात्रा | उत्कल प्रदेश के श्री जगन्नाथ भगवान | ओडिशा

उत्कल प्रदेश के प्रधान देवता श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया को जगन्नाथपुरी में आरम्भ होती है और शुक्ल पक्ष की ग्यारस को रथयात्रा का समापन होता है...

क्यों मनाई जाती है आषाढ़ की पूनम को गुरु पूर्णिमा | गुरु पूर्णिमा

क्यों मनाई जाती है आषाढ़ की पूनम को गुरु पूर्णिमा | गुरु पूर्णिमा

भारतीय संस्कृति में गुरु को देवता तुल्य माना जाता है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा का यह पर्व महार्षि वेद व्यास जी के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। 

योग का वर्गीकरण

योग का वर्गीकरण

योग का मुख्य उद्देश्य मन की परम शांति प्राप्त करना है, जिसके लिए आत्मा, शरीर और मन को एकजुट करना होता है। योग करने से तन, मन और आत्मा की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है 

अक्षय तृतीया | क्यों मनाई जाती है अक्षय तृतीया? | अक्षय तृतीया का महत्व क्या है ?

अक्षय तृतीया | क्यों मनाई जाती है अक्षय तृतीया? | अक्षय तृतीया का महत्व क्या है ?

अक्षय तृतीया या आखा तीज वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनायी जाती हैं। अक्षय शब्द को २ भाग में विभाजित करके इसके अर्थ को आसानी से समझा सकता है, अ + क्षय जिसका कभी क्षय (नाश) ना हो । भवि...

साजिबू नोंग्मा पैनाबा

साजिबू नोंग्मा पैनाबा

साजिबू नोंग्मा पैनाबा नाम मणिपुरी शब्दों से मिलकर ही बना है, साजिबू - वर्ष का पहला महीना जो आमतौर पर अप्रैल के महीने के दौरान मेइती चंद्र कैलेंडर के अनुसार आता है, नोंग...

गणगौर का व्रत एवं पूजा | गणगौर व्रत

गणगौर का व्रत एवं पूजा | गणगौर व्रत

गणगौर राजस्थान एवं सीमावर्ती राज्यों का एक मुख्य त्योहार है, चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया को गणगौर का व्रत किया जाता है। यह व्रत महिलाये अपने पति की लम्बी आयु के ल...

चेटीचंड का त्योहार क्यों मनाते है ? | झूलेलाल जयंत

चेटीचंड का त्योहार क्यों मनाते है ? | झूलेलाल जयंत

चैत्र शुक्ल द्वितीया से सिंधी नववर्ष प्रारम्भ होता है। जिसे चेटीचंड के नाम से जाना जाता है। चैत्र मास को सिंधी में "चेट" कहा जाता है और चांद को "चण्डु", इसलिए चेटीचंड का अर्थ "चैत्र का चांद" होता ह...

उगादी या युगादी का त्योहार क्यों मनाते है ?

उगादी या युगादी का त्योहार क्यों मनाते है ?

भारत अपनी संस्कृति, रिवाज, भौगोलिक, भाषाई, धर्म, सामाजिक-सांस्कृतिक विशेषताओं के संदर्भ में अपनी विविधता के लिए प्रसिद्ध है, जिसमे विविधता में भी एकता का एक अद्भुत उदाहरण पा सकते हैं।

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