Bhartiya Parmapara
अक्षय फलदायक पर्व है अक्षय तृतीया

अक्षय फलदायक पर्व है अक्षय तृतीया

वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को बसंत ऋतु का समापन होकर ग्रीष्म ऋतु का प्रारम्भ होता है और इसी दिन को हम सनातनी 'अक्षय तृतीया' या 'आखा तीज' के रूप में मनाते हैं। यह दिन अबूझ या सर्वसिद्ध...

सौभाग्य को बनाये रखने हेतु मनाया जाता है गणगौर पर्व

सौभाग्य को बनाये रखने हेतु मनाया जाता है गणगौर पर्व

होलिका दहन के दूसरे दिन चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से चैत्र शुक्ल तृतीया तक, १८ [अठारह ] दिनों तक मनाया जाता है - यह आस्था, प्रेम और पारिवारिक सौहार्द का सबसे बड़ा उत्सव है।...

सत्संग बड़ा है या तप

सत्संग बड़ा है या तप

हमें अपनी दिनचर्या में से कुछ समय सत्संग के लिये निकालना ही चाहिए यानि हमें नियमित रूप से सत्संग में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी ही है। कभी भी या जब भी, आस-पास कहीं सत...

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