Bhartiya Parmapara

हिंदी दिवस

आज है हिंदी भाषा दिवस, हिंदी भाषा - राष्ट्र भाषा 
नाज़ है हमें अपनी भाषा, अपनी संस्कृति और राष्ट्र पे । 

क्या सच में नाज़ है? गर होता ऐसा, 
ना उड़ाते हम मज़ाक़, ना खिल्ली उड़ाते 
भाषा, भगवान या संस्कृति की । 

मिच्छामि दुक्कडम्

क्षमा प्रार्थना✍️ 
दुनिया में सभी लोग जुड़े हुए है, एक दूसरे से, किसी न किसी तरह,
चाहते है सभी मिलजुल कर रहना, पर मिलना और बिछड़ना लगा रहता है, भागती हुई ज़िंदगी में किसी न किसी तरह,
चाहते हुए भी एक दूसरे को,जाने अनजाने ग़लती कर जाते है ज़्यादातर लोग किस...

संस्कारों की प्यारी महक

जिसमें पूरा परिवार आदर भावों के संस्कारों की प्यारी सी महक लिये, दूसरों की सुनने से पहले घर में आपसी बातचीत को महत्व देते हुए, सकारात्मक ऊर्जा के सुरक्षा चक्र के अन्दर ख़ुद की बुराइयों की हवा से हिफ़ाज़त करते हुए दुनिया के दूसरे देशों के लिये एकता का उदाहरण पेश करती ह...

राखी

राखी कविता -

आज मैंने अपने दोनो बेटों से, एक दूसरे को राखी बँधवाई हैं,
एकदूजे के रक्षा एवं सुरक्षा की क़सम भी दिलवाई हैं।

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