अंक-42, जनवरी 2025
नव वर्ष का शुभ आगमन हो,
जीवन में नई उमंग हो।
मकर संक्रांति की पतंग संग,
खुशियों की उड़ान अनंत हो।
अंक-41, नवंबर 2024
धरा पे आई रौशनी की बहार,
अन्नकूट की खुशबू और मिठास
भाई दूज पर स्नेह का अटूट बंधन,
पूरी हो जीवन में हर एक आस।
अंक-40, अक्टूबर 2024
नवरात्रि में माँ दुर्गा का वास,
करवा चौथ पर प्रेम का एहसास,
शरद पूर्णिमा सी चांदनी रात,
दीपों की रौशनी हो सबके साथ।
अंक-39, सितंबर 2024
सितंबर माह की इस पत्रिका में छवि बसी है रंगीन
ओणम, गणेश चतुर्थी, तीज त्यौहार को रखती सजीव
हिंदी दिवस की शुभकामनाएँ, शिक्षक दिवस पर गर्व
पूरी श्रद्धा से करें श्राद्ध और पाए पुरखों का आशीर्वाद
अंक-38, अगस्त 2024
स्वतंत्रता दिवस की गूंज संग, वीरों की कुर्बानी याद आए
भाई-बहन का प्यार अपार, राखी का त्योहार लाए
तीज त्यौहार मनाएं, खुशियों से भरा आंगन मुस्काए
दही हांड़ी पर श्रीकृष्ण की लीलाओं का संगम बन जाए
अंक-37, जुलाई 2024
भक्ति में डूबे भक्तगण, मिले भोलेनाथ का आशीर्वाद,
माँ दुर्गा का गुप्त आह्वान, तंत्र-मंत्र का अद्भुत यान।
जगन्नाथ का भव्य रथ, आस्था का अनमोल संगम,
ज्ञान का दीपक जले, करें सबके जीवन को रोशन।
अंक-36, जून 2024
दो जून की रोटी, हर दिल की आस,
पर्यावरण दिवस पर, हरियाली का हो प्रयास।
योग दिवस पर, तन-मन का संतुलन मनाएं,
वट सावित्री व्रत पर, श्रद्धा से करें उपवास।
अंक - 35, मई 2024
मई का महीना, गर्मी और मस्ती का अनूठा संगम
छुट्टियों में तीर्थ स्थलों की यात्रा, हर दिन नया सफर।
अक्षय तृतीया की शुभ बेला में शुरू करो नया काम
मातृ दिवस - माँ का स्नेह, हर पल संग रहे उनका प्यार।
अंक 34, अप्रैल 2024
नवरात्रि और हनुमान जयंती का महत्व अपार,
देवी और भगवान की शक्ति, भक्ति से उनका आधार।
व्रत और उपवास में है भारतीय खाने की बहार,
साथ में खुशियाँ मनाने से सजीव होता है हमारा प्यार।।
अंक 33, मार्च 2024
महाशिवरात्रि पर महादेव का पूजन,
महिला सश्क्तिकरण शक्ति का संसार,
रंगों का त्यौहार होली लाए खुशियों की बहार,
ओरछा के राजाराम, धरती पर अवतार।
अंक 32, फरवरी 2024
श्रीराम का यश चारों दिशाओं में फैला है आज
भक्ति के भाव से अभिभूत धरती-गगन है आज
समय की नींव वसंत के समान विजयी हुई है आज
राम का राज्य प्रेम और शांति से परिपूर्ण है आज।
अंक 31, जनवरी 2024
जनवरी की ठंडक और राम मंदिर की शोभा,
राम मंदिर की सफलता का यह क्षण आया।
भूमि पूजन से भरी थी, हर दिल में उम्मीद,
अब विश्व भर में बज रहा, श्रीराम का संगीत।
मकर संक्रांति के बाद, है प्रभु का आगमन,
राम नाम की धुनकी, पहुंची अयोध्या बनके पतंग।


