भारतीय परम्परा

नवरात्रि शक्ति बढ़ाने का पर्व

Navratri
नवरात्रि शक्ति बढ़ाने का पर्व

🌸 #मुश्किलों को हराने के लिए खुद को #बेहतर बनाये🌸
#वैष्णोदेवी* जी की कथा सभी को पता है,#श्रीकृष्ण के #रणछोड़* कहलाने की कथा भी सभी को पता है(विस्तार में बताने की आवश्यकता नहीं है)
जब युद्ध में सामने भी शक्तिशाली शत्रु हो तो समझदारी से काम लेना चाहिए, #वैष्णोदेवी माँ ने भी #भैरवनाथ का वध करने के पहले 9 माह गुफा में तपस्या की।मातारानी ने पहले (#ममतामयी रूप में) चेताया कि वापस जा ,लेकिन नही मानने पर #महाकाली का रूप लेकर #हठी भैरवनाथ का संहार कर दिया ..🙏🌸
#रणछोड़ ----अपने दामाद #कंस का श्रीकृष्ण के हाथों #वध हो जाने पर #जरासंध(जो कि बहुत शक्तिशाली,पराक्रमी,बलवान था) ने युद्ध के लिए *श्रीकृष्ण* को ललकारा.. लेकिन श्रीकृष्ण जानते थे कि यहाँ मथुरा में उसका मुकाबला करने में #समझदारी नही है,वे समस्त मथुरावासियों के सहित #द्वारिका आ गए तब जरासंध ने मैदान छोड़कर #भागता देख श्रीकृष्ण का नाम #रणछोड़(युद्ध का मैदान छोड़ना)रख दिया..वे प्रवर्षत पर्वत पर रहने लगे,जरासंध ने इस पर्वत पर आग लगा दी, तब श्रीकृष्ण ने 44 फुट ऊंचे स्थान से कूद कर द्वारिका में प्रवेश किया,वहाँ नगरी बनाई..

जरासंध से 17 बार युद्ध हुआ #श्रीकृष्ण ने हर बार उसको जीवित छोड़कर सारी सेना को मार गिराया #बलराम जी के पूछने पर कि जरासन्ध को क्यूँ जीवित छोड़ देते हो,तब #श्रीकृष्ण ने कहा कि जरासंध पूरी पृथ्वी से सारे #अधर्मी और मेरे विरोधी को यहीं #युद्धभूमि में लाकर मेरा काम आसान कर रहा है,इसलिए हर बार जीवित छोड़ रहा हूँ ,यदि पहले ही मार दिया ,तो बाकि अधर्मी ,मेरे विरोधी को कौन लाएगा, फिर बाद में वे #भीम के हाथों(श्रेय देने के लिए) जरासंध का वध करवा देते हैं...





#राम जी ने भी #रावण से युद्ध में उसकी सारी सेना का वध करके #रावण(महापराक्रमी)के वध के लिए 9 देवी उपासना(शक्तिवृद्धि)की थी ..
ऐसी और भी कई कथाएं हैं ----कि ईश्वर को भी कुछ समय के लिए अपने शत्रु का संहार करने के लिए अपने को एक स्थान में स्थिर रखना पड़ा..
आज जो विकट समस्या(कोरोना) हमारे सामने आई है, उसके लिए भी हमें कुछ दिन अपनी-अपनी गुफाओं (घरों)में रहकर अपनी शक्ति (रोग प्रतिरोधक क्षमता) बढ़ानी होगी, तपस्या(मेडिटेशन से,सकारात्मक सोच से, विश्वास से)करके..
🌸ये #जीवन भी तो हमें 9 माह की तपस्या(गर्भ) के बाद मिला है ..🌸(तपस्या से मिली इस देह का हमने जमकर दुरुपयोग किया,एक अवसर मिला है इस आपदा के रूप मे सुधार के लिए ... )
*सुरक्षित रहें, घर पर ही रहें*
*बचाव ही हल है, हल है तो कल है*





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